Coronavirus news update; central government on Covishield vaccine, No need to panic on need for immediate change in dosage interval of Covishield, reducing the time gap requires proper scientific study in the Indian scenario | दो डोजों के बीच अंतर में बदलाव के लिए साइंटिफिक स्टडी जरूरी, इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं


  • Hindi News
  • National
  • Coronavirus News Update; Central Government On Covishield Vaccine, No Need To Panic On Need For Immediate Change In Dosage Interval Of Covishield, Reducing The Time Gap Requires Proper Scientific Study In The Indian Scenario

23 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
कुछ स्टडीज में ये दावा किया जा रहा है कि कोवीशील्ड की दो डोज के बीच अंतर को कम किए जाने से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं। - Dainik Bhaskar

कुछ स्टडीज में ये दावा किया जा रहा है कि कोवीशील्ड की दो डोज के बीच अंतर को कम किए जाने से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा है कि कोवीशील्ड वैक्सीन की दो डोजों के अंतर तुरंत कम किए जाने को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। दो डोज के बीच अंतर को कम करने से पहले भारत के संदर्भ में इसकी सही तरह से वैज्ञानिक स्टडी किए जाने की जरूरत है।

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि इसे लेकर जाहिर की जा रही चिंताओं में संतुलन की बहुत जरूरत है। बता दें कि कुछ स्टडीज में ये दावा किया जा रहा है कि कोवीशील्ड की दो डोज के बीच अंतर को कम किए जाने से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।

डोज के अंतर पर फैसले संभलकर लेने होंगे
नीति आयोग के डॉ. वीके पॉल ने कहा कि कोवीशील्ड के डोज के अंतर को लेकर सभी फैसले बहुत संभल कर किए जाने चाहिए। हमें ये जरूर याद रखना चाहिए कि जब हमने इस अंतर को बढ़ाया, तब हमने ये ध्यान दिया कि जिन लोगों ने वैक्सीन का एक डोज लिया है, उन पर वायरस का कितना खतरा होगा।

लेकिन, इसके एक पहलू को ध्यान देना चाहिए कि इस स्थिति में ज्यादा लोगों को पहली डोज मिल सकेगी और इससे काफी संख्या में लोगों के भीतर इम्युनिटी भी पैदा हो सकेगी। हां, इस पर बहस होनी चाहिए और इसे जनता के बीच में भी रखना चाहिए, लेकिन इस पर फैसले उस समूह को लेने चाहिए, जिन्हें वैक्सीन के संबंध में जानकारी हो।

डॉ. पॉल ने कहा कि नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्युनाइजेशन (NTAGI) कुछ ही लोग हैं, जो WHO पैनल और कमेटियों का हिस्सा रहें हैं और जिनकी वैश्विक स्तर पर पहचान हैं। लेकिन, जब ग्लोबल और नेशनल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम की बात होती है तो NTAGI एक स्टैंडर्ड रखता है। ऐसे में इसके फैसलों का सम्मान किया जाना चाहिए। इस तरह के फैसलों के पीछे साइंटिफिक प्रोसेस होनी चाहिए।

हमारा वैज्ञानिक समुदाय जो फैसला लेगा हम उसका सम्मान करेंगे
जनता को NTAGI द्वारा लिए गए फैसलों का सम्मान करना चाहिए। डोजों के बीच अंतर को लेकर फैसलों पर NTAGI को विचार करने दीजिए। ब्रिटेन ने अपने यहां डोजों के अंतर का फैसला लिया है और उन्होंने ये निश्चित तौर पर अपने डेटा के साइंटिफिक एनालिसिस के बाद ही किया होगा।

ब्रिटेन ने पहले दो डोज के बीच का अंतर 12 हफ्ते रखा था और हमारे पास जो डेटा मौजूदा है, हम अभी इसे सेफ नहीं मान सकते हैं। हमें हमारे वैज्ञानिक मंडल पर भरोसा करना चाहिए, वे निश्चित रूप से इस पर विचार कर रहे होंगे। वे हमारे देश में महामारी के हालात और डेल्टा वैरिएंट को देखते हुए इस पर विचार कर रहे होंगे। हमारा वैज्ञानिक समाज जो फैसला लेगा, हम उसका सम्मान करेंगे।

ब्रिटेन ने कम किया गैप
पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (PHE) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पहली डोज के बाद मिलने वाली सुरक्षा अनुमान से कम हो सकती है। इसके बाद वैक्सीन की दो डोज के बीच अंतर घाटाया जाने लगा है। उत्तरी आयरलैंड में इस अंतर को 10-12 सप्ताह से घटाकर 8 सप्ताह कर दिया गया है। ताजा अध्ययन में कहा गया है कि एस्ट्राजेनेका (कोविशील्ड) वैक्सीन की पहली डोज से कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट से 33% सुरक्षा मिलती है। दूसरी डोज के बाद यह सुरक्षा डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ बढ़कर 60% हो जाती है। डेल्टा वेरिएंट सबसे पहले भारत में मिला था और इसे देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार बताया जाता है।

विदेश यात्रा पर जा रहे लोगों के लिए घटाया गया गैप
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोवीशील्ड के वैक्सीनेशन शेड्यूल में कुछ दिन पहले बड़ा बदलाव किया है। दूसरे डोज का गैप दो बार बढ़ाने के बाद अब इसे विदेश यात्रा पर जा रहे लोगों के लिए घटाया गया है। यानी कुछ कैटेगरी में दो डोज के लिए 84 दिन (12-16 हफ्ते) का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। 28 दिन (4-6 हफ्ते) बाद भी दूसरा डोज लगवा सकते हैं। दो डोज का गैप सिर्फ कोवीशील्ड के लिए घटाया गया है। कोवैक्सिन के दो डोज का गैप 28 दिन था। उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

किन लोगों को 28-42 दिन में लगेगा कोवीशील्ड का दूसरा डोज?

  • कोवीशील्ड के दो डोज के गैप में यह तीसरा बदलाव है। 16 जनवरी को टीकाकरण शुरू हुआ तो कोवीशील्ड और कोवैक्सिन में दो डोज का गैप 28-42 दिन का रखा गया था। पर 22 मार्च को कोवीशील्ड के दो डोज का अंतर 4-6 हफ्ते से बढ़ाकर 6-8 हफ्ते किया गया। फिर 13 मई को यह गैप बढ़ाकर 12-16 हफ्ते कर दिया गया।
  • नई गाइडलाइन उन लोगों के लिए है जिन्हें पहला डोज लग चुका है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर जाना है। यह यात्रा उन्हें पढ़ाई, रोजगार या ओलिंपिक टीम के हिस्से के तौर पर करनी पड़ सकती है। ऐसे लोगों को कोवीशील्ड के दूसरे डोज के लिए 84 दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे इससे पहले भी दूसरा डोज लगवा सकते हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *