Today History: Aaj Ka Itihas India World 4 March Update | INS Vikrant Induction Date 1961, US Chicago City Interesting Facts | कहानी देश के पहले विमानवाहक पोत INS विक्रांत की, जिसे 1971 की जंग में 2 परमवीर और 12 वीर चक्र मिले


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32 मिनट पहले

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बात दूसरे विश्व युद्ध के दौरान की है। ब्रिटेन की रॉयल नेवी ने HMS हरक्यूलिस नाम का एक विमानवाहक पोत तैयार किया। इसे सेना में शामिल किए जाने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच युद्ध खत्म हो गया। 12 साल बाद यानी 1957 में इस HMS हरक्यूलिस को रॉयल नेवी ने भारत को बेच दिया। 4 मार्च 1961 को ये पोत भारतीय नौसेना में शामिल हुआ।

भारतीय नौसेना में शामिल होने वाला ये पहला विमानवाहक पोत था। विकर्स-आर्मस्ट्रॉन्ग शिपयार्ड पर बने मैजेस्टिक क्लास के इस पोत को हम सब INS विक्रांत के नाम से जानते हैं। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध में विक्रांत पाकिस्तान की नौसेना के लिए बड़ी मुसीबत साबित हुआ था।

1965 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि उसने विक्रांत को डुबो दिया है, जबकि उस वक्त वह कुछ तब्दीलियों के लिए मुंबई में नौसेना के शिपयार्ड में खड़ा था। 1971 के युद्ध में विक्रांत से जुड़े अधिकारियों को दो महावीर चक्र और 12 वीर चक्र मिले थे। इसी बात से 1971 के युद्ध में इसकी भूमिका का अंदाजा लगाया जा सकता है। 31 जनवरी 1997 को विक्रांत को रिटायर कर दिया गया।

शिकागो अमेरिका का शहर बना

न्यूयॉर्क और लॉस एंजिल्स के बाद शिकागो अमेरिका का तीसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है। आज ही के दिन 1837 में इसे शहर का दर्जा मिला था। अगस्त 1833 में शिकागो की आबादी महज 200 के आसपास थी। सात साल के अंदर ये 4 हजार के पार पहुंच गई। 1971 में लगी भीषण आग में शिकागो शहर का काफी हिस्सा जलकर खाक हो गया। इसके बाद नए शहर का निर्माण शुरू हुआ। नए शिकागो में लकड़ी की इमारतों की जगह इस्पात और पत्थरों की इमारतों ने ले ली। 1885 में यहां बनी बहुमंजिला इमारत को दुनिया की पहली बहुमंजिला इमारत माना जाता है।

37 साल तक जिम्बाब्वे पर राज करने वाले मुगाबे प्रधानमंत्री बने

1980 में आज ही के दिन रॉबर्ट मुगाबे ने चुनाव में भारी जीत हासिल की और जिम्बाब्वे के पहले अश्वेत प्रधानमंत्री बने। चुनाव से महज 6 हफ्ते पहले ही मुगाबे दस साल का निर्वासन काटकर देश लौटे थे। इसके बाद भी चुनाव में उनकी पार्टी ने अश्वेतों के लिए आरक्षित 80 में से 57 सीटें जीतीं थी। श्वेत अल्पसंख्यकों का शासन खत्म होने के बाद जिम्बाब्वे में हुए ये पहले चुनाव थे। 1987 में मुगाबे देश के दूसरे राष्ट्रपति बने। इसके बाद 2017 तक वो इस पद पर रहे। 6 सितंबर 2019 को उनका निधन हो गया।

देश-दुनिया के इतिहास में 4 मार्च की तारीख में दर्ज अन्य घटनाएं-

2016: लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पीए संगमा का दिल का दौरा पड़ने से निधन। संगमा 1996 से 1998 तक लोकसभा के अध्यक्ष रहे थे। वो 1988 से 1990 तक मेघालय के मुख्यमंत्री भी रहे।

2012: चार साल तक प्रधानमंत्री के रूप में काम करने के बाद व्लादिमीर पुतिन तीसरी बार रूस के राष्ट्रपति चुने गए। 7 मई 2012 को उन्होंने फिर से पदभार ग्रहण किया।

2011: कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह का निधन। वो 2004 से लेकर 2009 तक वे केंद्र सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री रहे। पंजाब के गवर्नर के रूप में भी उन्होंने काम किया।

1989: टाइम और वॉर्नर कम्युनिकेशन ने अपने मर्जर प्लान का ऐलान किया।

1980: टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना का जन्म हुआ। बोपन्ना डबल्स के बेहतरीन खिलाड़ियों में हैं। 2017 में उन्होंने कनाडा की गैब्रिएला डबरोवस्की के साथ मिलकर फ्रेंच ओपन मिक्स डबल्स का खिताब जीता था।

1975: चार्ली चैपलिन को 85 साल की उम्र में नाइट की उपाधि से सम्मानित किया गया। चैपलिन ने ‘द किड’ और ‘ग्रेट डिक्टेटर’ जैसी मूक फिल्मों में काम किया था।

1961: भारत के पहले विमान वाहक पोत INS विक्रांत ने सेना के लिए अपनी सेवाएं देना शुरू किया। 1971 के भारत-पकिस्तान युद्ध में INS विक्रांत ने अहम भूमिका निभाई थी।

1951: नई दिल्ली में पहले एशियाई खेलों का आयोजन हुआ। इन खेलों में एशिया के 11 देशों के 489 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। 7 दिन चला ये आयोजन 11 मार्च को खत्म हुआ।

1939: गदर पार्टी के संस्थापकों में से लाला हरदयाल का निधन हुआ।

1933: फ्रैंकलिन डी रुजवेल्ट ने अमेरिका के 32वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली।

1921: मशहूर उपन्यासकार फणीश्वर नाथ रेणु का जन्म बिहार के फारबिसगंज में हुआ। मैला आंचल, जुलूस, कितने चौराहे, पलटू बाबू रोड, अच्छे आदमी, मारे गए गुलफाम, लाल पान की बेगम, पंचलाइट उनकी मशहूर रचनाएं हैं।

1879: लड़कियों को उच्च शिक्षा देने के लिए कलकत्ता में बेथुन कॉलेज की स्थापना हुई। यह ब्रिटेन से बाहर पहला महिला कॉलेज था।

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